रेखा & जीजाजी
हर साल हम गिनते हैं
की अब कितने बरस हो गए
आज जब गिनती देखी
तो बीस निकल चुके हैं और
पलक झपकते ये बारस हाथों से सरक गए हैं
मुझे याद है आपके शादी के जोड़े
भूला नहीं हूँ अब तक आप लोगों के वो झगडे
अब भी देखता हूँ तो लगता यूँ है
की साल तो बस गिनती के लिए हैं
दरअसल हम पले हैं और बढे हैं
इन सब के मानी ये हुए की
साल चाहे कितने ही निकल जाएँ
हम तो बस हरे के हरे हैं
आपको इस सालगिरह की बहुत बधाइयां
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